Ekadashi हिंदू पंचांग में अतिपवित्र तिथि है, जो हर माह दो बार आती है—एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित व्रत रखा जाता है। यह व्रत आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो fasting के ये लाभ intermittent fasting से मेल खाते हैं—यह पाचन तंत्र को आराम, तनाव को कम और आत्म-अनुशासन को बढ़ावा देते हैं।
सितंबर 2025 की Ekadashi तिथियां और समय
सितंबर माह में दो Ekadashi पड़ रही हैं, और ये हैं:
- Parsva Ekadashi:
- तारीख और दिन: बुधवार, 3 सितंबर 2025
- प्रारंभ होने का समय: 3 सितंबर, प्रातः 03:53 बजे
- समाप्त होने का समय: सुबह 04:21 बजे, 4 सितंबर (अगले दिन)
- Indira Ekadashi:
- तारीख और दिन: बुधवार, 17 सितंबर 2025
- शुरू होने का समय: मध्यरात्रि 12:21 बजे, 17 सितंबर
- समापन समय: 17 सितंबर को रात्रि 11:39 बजे
Ekadashi व्रत की परंपरा
इन दिनों व्रत का आरंभ Dashami (Ekadashi से एक दिन पूर्व) को एकल भोजन से होता है, ताकि पेट साफ रहे। Ekadashi दिन पूर्णतः उपवास, पूजा, ध्यान, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से गुज़रता है। दान, तुलसी पूजन और सात्विक भोजन व्रत को और भी पुण्यदायी बनाते हैं।
Ekadashi व्रत के लाभ –
- आध्यात्मिक लाभ:
Ekadashi व्रत से आत्मा में शुद्धि होती है, मन की अशांति दूर होती है और व्यक्ति भगवान विष्णु के समीप महसूस करता है।
- मानसिक शांति:
फलाहार और हल्का सात्विक भोजन लेने से मानसिक तनाव घटता है और ध्यान की शक्ति बढ़ती है।
- शारीरिक स्वास्थ्य:
Ekadashi उपवास शरीर को detox करता है। अनाज व दालों से मुक्ति मिलने पर पाचन तंत्र को आराम मिलता है और रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- पारिवारिक और सामाजिक सामंजस्य:
Ekadashi पर पूरे परिवार द्वारा पूजा और व्रत क्रियाओं में सम्मिलित होने से संबंध मजबूत होते हैं और सकारात्मक वातावरण बनता है।
Ekadashi में खाने योग्य खाद्य पदार्थ
चूंकि Ekadashi पर अनाज, दालें व चावल वर्जित होते हैं, व्रती निम्न सात्विक आहार ग्रहण करते हैं:
- साबूदाना – खिचड़ी, वड़ा या खीर के रूप में।
- सिंघाड़ा और कुट्टू का आटा – पूड़ी, पराठा, पकौड़े बनाते हैं।
- फल और मेवे – केला, सेब, नारियल, बादाम, काजू आदि।
- दूध और दही – प्रोटीन व कैल्शियम का स्रोत।
- आलू और शकरकंद – उबले या हल्के मसाले के साथ।
- मखाना – रोस्ट या खीर में; प्रोटीन व फाइबर से भरा।
व्रत में ध्यान देने योग्य 4 बातें
- संकल्प: Ekadashi व्रत शुद्ध मन से लिया जाए।
- तामसिक भोजन से बचें: एक दिन पहले प्याज, लहसुन व मांस से परहेज करें।
- फलाहार भी विकल्प हो सकता है यदि निर्जल उपवास संभव न हो।
- व्रत समाप्ति (Parana): निर्धारित समय के बाद सात्विक भोजन से करें।
Conclusion
सितंबर 2025 की दो Ekadashi—Parsva Ekadashi (3 सितंबर, बुधवार, 03:53 AM से प्रारंभ, 4 सितंबर 04:21 AM तक) और Indira Ekadashi (17 सितंबर, बुधवार, 12:21 AM से 11:39 PM तक)— मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं। श्रद्धा, अनुशासन और सात्विक भोजन के साथ इन दिनों का व्रत व्यक्ति को ईश्वर की साधना और जीवन संतुलन दोनों की ओर ले जाता है।